श्रुतम्

विकसित भारत 2047 की संकल्पना-36

विकसित भारत 2047 की संकल्पना-36

रोजगार, अर्थ सृजन करने का मार्ग:

एक विषय यह है कि उद्योग व अर्थ जगत में यह अवधारणा है कि इंडस्ट्री का फैलाव करो, तो रोजगार बढ़ेगा ही। किंतु भारत का और विश्व का अनुभव, शोध इस विचार को बहुत समर्थन नहीं दे रहा, क्योंकि जब हम 7.5 प्रतिशत की विकास दर से विकास कर रहे हैं, तो इसी समय भारत बेरोजगारी की बड़ी मार भी झेल रहा है।

दूसरी तरफ सीआईआई की एक रिपोर्ट, जो वर्ष 2022 में ही आई है, यह कहती है कि “अगर भारत अपनी क्रियाशील युवा शक्ति को किसी तरह रोजगार की प्रक्रिया में ले आए तो वह 40 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है। यानी अमेरिका से भी डेढ़ गुना बड़ा।” इसलिए हमें अपनी युवा शक्ति को कौशल विकास, उद्यमिता प्रशिक्षण, प्रोत्साहन व नीतिगत समर्थन करते हुए बढ़ना होगा।

यदि हम नीचे से ऊपर अर्थात युवाओं से अर्थ सृजन की विकास यात्रा करते हैं, तो निश्चित ही हम भारत के पूर्ण रोजगारयुक्त व समृद्धियुक्त भारत बनाने के स्वप्न को साकार कर सकेंगे। यानी हम रोजगार सृजन करें, उससे अर्थ सृजन होगा ही। यह नीचे से ऊपर की अर्थ विकास यात्रा है।

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