विकसित भारत 2047 की संकल्पना-38
मेड बाय भारत, स्वदेशी ही मार्गः
Made by Bharat, Swadeshi is the only Alternative.
गत कुछ वर्षों से अमेरिका, चीन के बीच ट्रेड वॉर और उसके बाद हो रहे यूक्रेन-रूस युद्ध के समय पर चीन की भूमिका के कारण चीन के प्रति वैश्विक अर्थशास्त्रियों व बहुराष्ट्रीय कंपनियों के संचालकों का विश्वास उठ गया है।
इस समय विश्व भर में चीन प्लस वन (China Plus One) की चर्चा है। स्वाभाविक रूप से भारत विश्व की सबसे बड़ी मार्केट होने के नाते से इस समय भारत में सब लोग आना चाहते हैं, और इसमें कोई गलत बात भी नहीं है। किंतु जैसा कि पूर्व में भी कहा है कि “अपनी शक्ति सामर्थ्य को ध्यान में रखते हुए हमें उनको यहां पर बुलाना चाहिए। एक आग्रह के साथ कि वह भारतीय कंपनियों के साथ हिस्सेदारी में ही अपनी कंपनी चलाएं, ताकि तकनीक और पूंजी दोनों के स्थानांतरण में समान स्थिति रहे।”
आज भारत 30-35 वर्ष पूर्व का भारत नहीं है। वर्तमान का भारत बराबर की शर्तों पर बात करते हुए अपने उद्योग, व्यापार व अर्थ जगत को बढ़ा सकता है।
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